भविष्य में महिलाएं पुरुषों के संसर्ग में आए बगैर मां बन सकेगी और मनचाही संतान को जन्म दे सकेंगी।
सुनने में यह भले ही कोरी कल्पना प्रतीत हो, लेकिन भविष्य में महिलाओें की त्वचा कोशिकाओं से कृत्रिम शुक्राणुओं का निर्माण होने लगेगा। टेलीग्राफ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी आफ एंजीलिया की नीतिशास्त्री अन्ना स्माजडोर प्रयोगशाला में शुक्राणुओं एवं डिंबों के निर्माण की संभावना के परिणामों पर अध्ययन कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में कोई भी महिला अपने शरीर से अपशिष्ट के तौर पर निकलने वाले रक्त या त्वचा के नमूने को प्रयोगशाला ले जाकर वहां से उसके बदले कृत्रिम शुक्राणु एवं डिंब प्राप्त कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो महिलाएं अपनी प्रजनन प्रक्रिया पर नियंत्रण हासिल कर लेंगी और अपनी मनपसंद संतान को जन्म दे सकेंगी।
dainik jagran